हम एक अनोखे व्यक्ति से मिलना ना भूलें

हमें याद रखना है की हमें एकांत में समय बिताना चाहिए

नमस्ते |

आज के समय में एक व्यक्ति के नेटवर्क को उसकी कामयाबी का दर्जा माना जाता है | जितने ज्यादा लोगों को हम जानते हैं , उतना ज्यादा प्रभावशाली हमें गिना जाता है |व्यवसाई और निजी जीवन में लोगों को जानने की दौड़ लगी है | यह सच है की हमें लोगों से जुड़ना चाहिए | लेकिन क्या हम इस दुनिया के सबसे अनोखे व्यक्ति से मिले हैं ?

हम दूसरों से मिलने में इतना व्यस्त हैं की हम खुद से मिलना भूल चुके हैं | एकांत में समय बिताना, चाहे वो चिंतन , ध्यान या शौख के लिए हो , एक खोई हुई आदत है | हम दूसरों के लिए काम करने में इतना व्यस्त हैं की हम खुद के लिए कुछ भी करना भूल गए हैं |

खुद के साथ समय बिताने का एक अच्छा तरीका है ध्यान | ध्यान सिर्फ साधु और संतों के लिए नहीं है | खुद की आतंरिक अवस्था के प्रति जागरूक होना अपने आप में ध्यान है| ध्यान में हम अपने मन, श्वास या शारीरिक प्रक्रियाओं के प्रति जागरूक हों, वह हमें अपने आप की एक बेहतर समझ देता है |

ध्यान के अलावा दुसरे रास्ते भी हैं | दुनिया के कई महान ज्ञानियों ने चिंतन और प्रकृति के अवलोकन द्वारा इस ब्राह्माण के रहस्यों को सुलझा सके हैं | हम भी हर रोज़ कुछ समय शांति से एकांत में मनन कर सकते हैं |

किसी शौख पर भी समय बिताया जा सकता है | जब हम अपने शौख पर समय बिताते हैं , तब हमें अपने विचारों को समझने का मौका मिलता है |

हम सबको एक प्रण लेना है की हमारा समय पूरा होने से पहले हम खुद को जानें | खुद को जानना दूसरों को जानने जितना ही आवश्यक है |

Article by: रोहित चोपड़ा

जिफकैर के संस्थापक सीईओ


Comments


जाने दो और आगे बढ़ो

हमारे दिमाग और दिल पर जो भार है वो छोड़ देने में ही हमारी भलाई है