ध्यान के लाभ

आधुनिक विज्ञान कहता है कि ध्यान हमारे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को लाभ पहुंचता है|

वैज्ञानिकों ने अक्सर ध्यान के प्राचीन अभ्यास के लाभों पर सवाल उठाया है। अभी तक, यह माना जाता था कि ध्यान एक विशुद्ध आध्यात्मिक या धार्मिक अभ्यास है जिसके उपयोग का मूल्य उद्देश्य भिक्षुओं (मोंक्स ) के लिए है। हालांकि, पश्चिमी चिकित्सा विज्ञान ने हाल ही में उन अविश्वसनीय लाभों को समझना शुरू कर दिया है जो ध्यान लगाने से मानव मन को और शरीर को प्रदान होता है|

1. ध्यान लगाना एन्टीडेप्रेस्सेंट जितना ही प्रभावशाली है

जेएएमए आंतरिक चिकित्सा पत्रिका (जनवरी 2014) में प्रकाशित खोज के अनुसार, मध्यम अवसाद (डिप्प्रेशन) के मामलों में, ध्यान दवा के रूप में भी प्रभाव कर सकता है। ध्यान लगाने जैसी साधनाएं इतनी प्रभावी पाई गई हैं कि मनोवैज्ञानिक अब इस तकनीक को चिकित्सा के हिस्से के रूप में अपने रोगियों को सुझाते हैं और सिखाते हैं।

2. लगातार ध्यान लगाने से प्रतिरक्षा (इम्युनिटी) बढ़ती है

यूसीएलए और अन्य संस्थानों के अध्ययनों से पता चला है कि ध्यान एंटीबॉडी बढ़ाने और प्रो-इंफ्लेमेटरी जीन को कम करके प्रतिरक्षा (इम्युनिटी) को बढ़ाने में मदद करता है। इन अध्ययनों से उन लोगों के प्रतिरक्षा (इम्युनिटी) में महत्वपूर्ण वृद्धि देखी गई जिन्होंने सिर्फ 8 सप्ताह तक ध्यान का अभ्यास किया था| इसीलिए ध्यान से आने वाले लाभ के लिए वर्षों तक इंतज़ार करना ज़रूरी नहीं है |

3. ध्यान विश्राम प्रतिक्रिया को बढ़ावा देने में मदद करता है

हमारा मन और शरीर आज की डिजिटल दुनिया में लगातार तनाव की स्थिति में है। हम या तो कार्यालय की दौड़ में शामिल हैं, या ईमेल का जवाब देने में फ़से हुए हैं, या अपने सहयोगियों और परिवार के साथ बहस कर अपना समय गवा रहे हैं। यह हमारे शरीर को समय की विस्तारित अवधि के लिए 'फाइट-ऑर-फ्लाइट' मोड को सक्रिय करने की ओर ले जाता है, जो भारी श्वास, पल्स रेट, धीमी पाचन आदि की ओर जाता है| अगर हम शरीर को विश्राम व ध्यान प्रतिक्रिया की ओऱ ले जाये तो पाचन और रक्त परिसंचरण जैसे सभी महत्वपूर्ण कार्य आसानी से कर सकते है। और हमारा स्वास्थ्य अपनी सामान्य स्थिति में वापस आ जाता है।

4. मेडिटेशन शरीर को बीमारी से लड़ने में मदद करता है

हार्वर्ड मेडिकल स्कूल और अन्य संस्थानों में हाल की खोज के अनुसार, 70-90% के बीच बीमारी तनाव से उत्पन्न होती है। जबकि योग शिक्षकों ने इसे सैकड़ों या शायद हजारों वर्षों से जानते आ रहे है, परन्तु आधुनिक विज्ञान ने इस तथ्य को हाल ही में स्वीकार किया है। ध्यान (मेडिटेशन) के जरिए हम दिमाग को तनाव से मुक्त रख सकते हैं और कई बीमारियों से बच सकते हैं।

ध्यान का अभ्यास कैसे करें: लगभग 10 मिनट के लिए आराम की स्थिति में कुर्सी पर या फर्श पर बैठें। पीठ और गर्दन को सीधा रखने की कोशिश करें। फिर, धीरे-धीरे कुछ देर सांस अंदर-बाहर करें। जैसे-जैसे मन शांत होता है, धीरे-धीरे सांसों पर ध्यान आकर्षित करें। बस शरीर में प्रवेश करने और बहार जाने वाली सांस का निरीक्षण करें। किसी भी समय, यदि ध्यान सांस से दूर भटकता है, तो धीरे से, बिना किसी जलन या गुस्से के उसे वापस सांस पे लाएं। कुछ दिनों या हफ्तों की अवधि में, विचार अपने आप कम होने लगेंगे। सांस पर ध्यान केंद्रित करना एक सरल लेकिन अद्भुत तकनीक है जो आपको वर्तमान क्षण की ओर ले जाती है। यह कई तकनीकों में से एक है जिसका उपयोग ध्यान के लिए किया जा सकता है।

धन्यवाद |

Article by: रोहित चोपड़ा

जिफकैर के संस्थापक सीईओ


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Ankit Gupta
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