चरित्र निर्माण

आज के समय में कैसे अपने आप को चरित्रवान बनाएं

चरित्र निर्माण एक ऐसी प्रक्रिया है जो शिक्षा की तरह आजीवन चलती है|

हर व्यक्ति खुद का भाग्यविधाता है और अपने चरित्र का निर्माण

सक्षम है | जिस व्यक्ति का चरित्र बलवान है , केवल वही देश और समाज को आगे बढ़ाने में सकारात्मक योगदान दे सकता है|

चरित्र निर्माण करने के लिए कुछ चीज़ों को ध्यान में रखना आवश्यक है:

१.नियमितता

नियमितता से ही सही जीवन की नीव बनती है| धीरज और निरंतर अभ्यास से ही आत्मविश्वास बढ़ता है| समाज में अत्र-तत्र-सर्वत्र अतिशयता का आतंक मचा है और उससे बचने के लिए नियमतता एवं धीरज अति आवश्यक है|

२. अध्ययन

इंसान का असली मित्र साहित्य है| उत्तम पुस्तक ही हमें जीवन में सही मार्ग दिखाते हैं| महापुरुषों ने भी अपने जीवन और सफलता को साहित्य के अध्ययन पर रचा है|

३. सरल जीवनशैली

आज की युवा पीढ़ी पर पश्चिमी दुनिया का अत्यधिक प्रभाव है| हमारी संस्कृति हज़ारों साल पुरानी है और जीवन के अमूल्य सत्यों पर आधारित है| इसे ध्यान में रखते हुए हमें एक सरल जीवनशैली के आधार पर जीवन में आगे बढ़ना चाहिए| सरलता ही जीवन को शोभा देती है|

४. परिवार और संस्कार

हमारी संस्कृति में कुटुंब को बहुत महत्व दिया गया है| परिवार हमारी ताकत है| हमें परिवार के साथ मिलझुलकर रहना चाहिए| हमारे बड़ों का जीवन-ज्ञान किसी धन से कम नहीं है| उनके अनुभवों से सीख लेकर हम जीवन में आगे बढ़ सकते हैं|

इन सब बातों को ध्यान में रखकर और अपने जीवन में उतारकर हम अपने भाग्यविधाता खुद बन सकते हैं और निसंदेह चरित्रवान भी बन सकते हैं|

धन्यवाद|

Article by: कनकलताबैन ठक्कर

शिक्षक और लेखक


Comments

Rohit Chopra
ये जबरदस्त लेख है| मेरे अनुसार इन सब चीज़ों से भी चरित्र-निर्माण किया जा सकता है: 1. खुद को स्वावलम्बी बना कर| 2. सादा जीवन अपना कर 3. अच्छे शिक्षकों से पढाई करना

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