आत्मविश्वास बढ़ाने के पांच तरीके

मनोविज्ञानिकों द्वारा आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए सलाह

रोहित चोपड़ा

जिफकैर के संस्थापक सीईओ

हमारे आस पास की दुनिया बदल रही है | हर क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा है , भले वह व्यक्तिगत या व्यवसायी जीवन में हो | समाज हमें हररोज़ याद दिलाता है उन चीज़ों. के बारे में जो हमारे पास नहीं है | ऐसी अवस्था में अपना आत्मविश्वास बनाये रखना ज़रूरी है , अपने मानसिक स्वास्थ्य के लिए और जीवन में सफल होने के लिए भी |

1. अपनी सफलताओं की सूची बनाएं

शुरुआत में यह करना सबसे ज़्यादा ज़रूरी है | जब तक हम अपनी छोटी - बड़ी सफलताओं को महत्व नहीं देंगे , तब तक नई उपलब्धियों के लिए साहस बनाना कठिन है | एक कागज़ पर अपने इन्हे लिखना अच्छा रहेगा | हो सकता है की हमें लगे की यह उपलभ्धियां महत्वपूर्ण नहीं है , पर ऐसा सोचने से हमारा मनोबल कमज़ोर होता है | अपनी आज तक की सफलताओं और संघर्ष को सरहाते हुए , हम दुगने जोश के साथ आगे बढ़ सकते हैं |

2. आवाज़ उठाएं

जीवन में कई बार हम अपनी राय नहीं बताते या आवाज़ नहीं उठाते , इस दर से की हम बेवक़ूफ़ ना समझे जाएँ | ऐसा करना खुद के प्रति अन्याय है | हम अपनी सोच बताने का या ज्यादा जानने का अवसर खो देते हैं | जरूरत पड़ने पर हमें बोलना चाहिए | इससे हमें दूसरों से जुड़ने का मौका मिलता है | बोलने का हर अवसर खोने पर हमारा आत्मविश्वास काम होता है | इसलिए हम सबको ज़रुरत पड़ने पर आवाज़ उठानी चाहिए |

3. नियमित तौर पर कसरत करें

जब हम अपने शरीर का ध्यान नहीं रखते , तब हमारे मन की ऊर्जा खो जाती है | व्यायाम न सिर्फ स्वास्थ्य को ठीक रखता है , बल्कि इससे वो हॉर्मोन शरीर में पैदा होते हैं जिससे आत्मविश्वास बढ़ता है | अच्छा स्वास्थ्य आत्मविश्वास के लिए आवश्यक है | नियमित व्यायाम हमें अनुशासन और नियंत्रण जैसे गुणों को बनाने में भी मदद करता है |

4. एक सरल चुनौती को पूरा करें

जीवन की भाग - दौड़ में हम अपने मूल लक्ष्यों को भूल जाते हैं | वह जगह जहाँ हम जाना चाहते थे | या फिर वो खेल जो हम सीखना चाहते थे | इन सब चीज़ों को दफना देना धीरे धीरे हमारे आत्मविश्वास को कम करता है | जब हमारे मन में ये धरना बन जाती है की हम अपने ही बनाये लक्ष्य को पूरा नहीं कर सकते, तब हमारे मन की ऊर्जा और शक्ति ख़तम होने लगती है | शुरुआत में एक सरल चुनौती को स्वीकार और पूरा करके, हम अपने मन को फिर से जगाते हैं | फिर आत्मविश्वास के बढ़ते बढ़ते हम बड़ी चुनौतियों को भी पूरा कर सकते हैं |

5. नकारात्मकता को ख़तम करें

यह करना हमारे सोचने से कही अधिक ज़रूरी है | सकारात्मक सोच और कर्म करते हुए , नकारात्मक सोच को मन से ख़तम करना ज़रूरी है | नकारात्मकता हमारे स्वयं की सोच या फिर दूसरों की राय से आ सकती है | जैसे की अखाडा या जिम शुरु करने के बाद हमारे मन में ख़याल आता है : ' इसका क्या फायदा ?' अथवा ' मेरी जिम जाने की उम्र निकल चुकी है ' | या हो सकता है की कोई हमें फेसबुक पर कोई नकली अभिनेता का पोस्ट दिखाए जिसमे वह सिगरेट फूँक रहा है और अपने चाहने वालो को भी फूंकने के लिए कह रहा है | ऐसा पोस्ट देखने से हो सकता है की हमारे मन में स्वस्थ जीवन जीने का सांकल कमज़ोर हो जाए | ऐसी नकारात्मकता से दूर रहना एकदम आवश्यक है , अगर हम सच्चा आत्मविश्वास बनाना चाहते हैं तो |

तो आएं हम सब इन पांच उपायों को अपना कर एक मज़बूत आत्मविश्वास की नीव रखें |

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