बुढ़ापे का जादू

THE ART OF AGEING- HINDI

विपाशा नायक

मेन्टल हेल्थ एम्बेसडर

यह अमेरिका के एक कॉलेज की कहानी है। नए सेमेस्टर का पहला दिन था और प्रोफेसर ने सभी छात्रों को किसी ऐसे व्यक्ति से अपना परिचय देने को कहा, जिसे वे नहीं जानते।

जोसेफ नाम का एक लड़का खड़ा हुआ और वह किसी ऐसे व्यक्ति को खोजने लगा जिसे वह नहीं जानता था। इस बीच, किसी ने हलके से उसके कंधे को छूआ।

उसने मुड़कर देखा तो एक झुर्रीदार चेहरा उसे देखकर मुस्कुरा रहा था। न केवल उस बूढ़ी औरत का चेहरा, बल्कि उसका पूरा अस्तित्व खुशी से भरा हुआ था। उसने उत्साह से कहा, “अरे दोस्त! मेरा नाम रोज़ है। मेरी उम्र 79 साल है। क्या मैं तुम्हे गले लगा सकती हूँ ?" जोसफ वापस मुस्कुराया और रोज़ ने उसे कसकर गले लगाया।

जोसेफ ने मजाकिया अंदाज में पूछा, "इतनी छोटी और बालि उम्र में आप यहां क्या कर रही हैं?" रोज ने मजेदार ढंग से जवाब दिया, “मैं यहां एक धनी पति की

खोज में हूं। मैं उससे शादी करूंगी, कुछ बच्चो को जन्म दूंगी और फिर निश्चिन्त होकर दुनिया की सैर करूंगी। ” दोनों हँसने लगे। जोसेफ ने कहा, "नहीं, लेकिन मैं वास्तव में जानना चाहता हूं कि आप इस उम्र में कॉलेज में क्यों हैं?" रोज ने कहा, "कॉलेज में अध्ययन करना मेरा सपना रहा है, जिसे मैं यहां पूरा कर रही हूं।"

क्लास खत्म होने के बाद, जोसेफ और रोज़ कॉफी के लिए गए, दोनों में खूब बातचीत हुई और काफी कम समय में वह बहुत करीबी दोस्त बन गए। वर्ष के दौरान, रोज़ कॉलेज की एक लोकप्रिय छात्र बन गयी । वह जहां भी जाती, नए

नए दोस्त बनाती। वह हमेशा अच्छी तरह से तैयार होकर आती और कॉलेज का जीवन पूरी तरह से जीती थी।

वर्ष के अंत में, जोसेफ ने अपने अन्य दोस्तों के साथ रोज को कॉलेज के एक फंक्शन पर भाषण देने के लिए आमंत्रित किया। रोज़ ने जोसफ को उस दिन जो सिखाया, उसे जोसफ अपने जीवन में कभी नहीं भूल सका। रोज़ का परिचय दिया गया और फिर वह दर्शकों को संबोधित करने के लिए मंच पर आयी। उसने अपने गले को समायोजित करके शुरू किया, "हम खेलना बंद नहीं करते क्योंकि हम बूढ़े हो जाते हैं, हम बूढ़े हो जाते हैं क्योंकि हम खेलना बंद कर देते हैं। आज मैं युवा और खुश रहने और सफलतापूर्वक जीवन जीने के कुछ तरीके आपसे बाटना चाहती हूं। ”

“सबसे पहले, हमें रोज़ाना हँसना चाहिए। हास्य और मज़ा बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह हमें शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रखता है। ”

दूसरी बात, हमारे पास एक सपना, एक उद्देश्य होना चाहिए। जिस दिन आप सपने देखना बंद कर देते हैं या उन्हें प्राप्त करने की दिशा में अपने प्रयासों को रोक देते हैं, उस दिन आप मर चुके होते हैं। हमारे आसपास बहुत सारे लोग हैं जो जीवित लाशों की तरह हैं और वे इसे महसूस नहीं करते हैं। ”

“तीसरा, बूढ़ा होने और विकसने के बीच एक बड़ा अंतर है। आपकी आयु 19 वर्ष है, लेकिन आप पूरे वर्ष को बेकार में बर्बाद कर देते हैं, तो आप सिर्फ 20 साल के नहीं होंगे, बल्कि एक और साल के हो जाएंगे। लेकिन जब आप रचनात्मक रूप से एक वर्ष का उपयोग करते हैं, तो आप एक और वर्ष विकसते हैं, और सिर्फ बूढ़े नहीं होते। ”

“अंत में, जीवन में कभी भी पछतावा नहीं करना चाहिए। मेरे जैसे बूढ़े आम तौर पर कुछ करने के बजाय पछतावा करते हैं। ऐसी बातों पर अफसोस करने वाले लोग मौत से डरते हैं। ”

खूबसूरत गीत गाकर रोज के संबोधन का समापन हुआ। सभी ने खड़े होकर और तालियों के साथ उसकी सराहना की। उसे वर्ष के अंत में स्टूडेंट ऑफ द ईयर का पुरस्कार मिला।

हमारे ग्रेजुएशन के कुछ हफ़्ते बाद , रोज़ शांति से अपनी नींद में ही अपना देह छोड़ गयी। हमारे कॉलेज के 2000 से अधिक छात्रों ने उसके अंतिम संस्कार में भाग लिया। इस महिला ने हमें अपने स्वयं के उदाहरण से सिखाया है कि कुछ नया बनने या हासिल करने के लिए कभी देर नहीं होती।

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